জীবনকে নতুনভাবে দেখার জন্য লিখি
लोग आमतौर पर सिर्फ नतीजे देखते हैं।
कौन जीता, कौन हारा, कौन पीछे रह गया — यही चीज़ें सबकी नज़र में आती हैं।
लेकिन कोई इंसान कितने दिनों तक अपने अंदर के डर, अनिश्चितता, कमी, अकेलेपन और निराशा से लड़ता रहा, यह बहुत कम लोग देख पाते हैं।
तुमने शायद Larry Page का नाम सुना होगा — Google के co-founder।
आज लोग उसकी सफलता की कहानी जानते हैं, लेकिन शुरुआत में उसका रास्ता
एक समय था जब युद्ध का मतलब डर होता था।
अब उसका मतलब है — नोटिफिकेशन।
स्क्रीन पर चमकता है—
धमाका। हमला। जवाबी हमला।
हम देखते हैं। शेयर करते हैं। बहस करते हैं।
फिर अगली वीडियो पर स्क्रोल कर देते हैं।
युद्ध रुकता नहीं।
सिर्फ हमारा ध्यान रुक जाता है।
जब हर घंटे नई खबर आती है, तो दुख भी सामान्य लगने लगता है।
पहले किसी की मौत की खबर सुनकर हम ठहर जाते थे।
अब हम त्रासदी को गि
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